भारत और केन्या के बीच मैत्रीपूर्ण एवं संसदीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। दमन एवं दीव के सांसद श्री उमेशभाई बाबूभाई पटेल को भारत सरकार की ओर से केन्या की नेशनल असेंबली के माननीय स्पीकर एवं संसदीय प्रतिनिधिमंडल के नेता Rt. Hon. (Dr.) Moses M. Wetang’ula, SC, EGH, MP तथा उनके नेतृत्व में भारत पहुंचे केन्याई संसदीय प्रतिनिधिमंडल के एयरपोर्ट पर राजनयिक एवं औपचारिक स्वागत का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। भारत की गौरवशाली “अतिथि देवो भवः” की परंपरा के अनुरूप सांसद श्री पटेल ने माननीय स्पीकर डॉ. मोसेस एम. वेटांग’उला एवं प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों का भारत की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। केन्याई संसदीय प्रतिनिधिमंडल में माननीय स्पीकर के साथ Hon. Mr. David Ochieng, CBS, MP; Hon. Mr. Mark Mwenje, CBS, MP; Hon. Ms. Lydia Haika Minene, CBS, MP; Hon. Mr. Omar Mwinyi Shimbwa, MP सहित केन्या की नेशनल असेंबली के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
इसके पश्चात संसद परिसर में आयोजित भारत-केन्या द्विपक्षीय संसदीय संवाद (Bilateral Dialogue) में लोकसभा अध्यक्ष माननीय श्री ओम बिरला जी के साथ भारतीय संसदीय दल के सदस्य के रूप में सांसद श्री उमेशभाई पटेल को सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ। संवाद के दौरान दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग, लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी विश्वास तथा द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की भावना प्रमुख रही।
इस उच्चस्तरीय संसदीय कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री पटेल को गोल्डन बुक में राजकीय प्रतिनिधियों द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के महत्वपूर्ण अवसर का साक्षी बनने तथा केन्याई संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित औपचारिक भोज में भी सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ।इस अवसर पर सांसद श्री उमेशभाई पटेल ने कहा-“भारत सरकार की ओर से केन्या की नेशनल असेंवली के माननीय स्पीकर एवं उनके संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने का दायित्व मिलना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गौरव का विषय है। इसके साथ ही माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी के साथ भारतीय संसदीय दल में शामिल होकर द्विपक्षीय संवाद में भाग लेना मेरे लिए विशेष अनुभव रहा। भारत और केन्या के संबंध ऐतिहासिक रूप से मैत्रीपूर्ण रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इस प्रकार की उच्चस्तरीय संसदीय यात्राएं हमारे दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक संवाद, संसदीय सहयोग, आपसी विश्वास और द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेंगी।”श्री पटेत ने कहा कि भारत की विदेश नीति और संसदीय परंपरा में मित्र देशों के साथ जन-से-जन संपर्क तथा संसद-से-संसद सहयोग का विशेष महत्व है। केन्याई प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच संबंधों को और व्यापक एवं प्रगाढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है।उन्होंने माननीय स्पीकर Rt. Hon. (Dr.) Moses M. Wetang’ula तथा संपूर्ण केन्याई संसदीय प्रतिनिधिमंडल का भारत आगमन पर पुनः हार्दिक स्वागत करते हुए उनकी भारत यात्रा के सफल एवं सार्थक होने की शुभकामनाएं दीं।

