दमन के सांसद उमेश पटेल ने डंपिंग साइट का औचक निरीक्षण के दौरान अत्यंत चिंताजनक स्थिति देखने को मिली। डंपिंग साइट की सुरक्षा दीवारें कई स्थानों पर टूटी हुई हैं, जिसके कारण वर्षा के पानी के साथ प्रदूषित कचरा एवं दूषित अपशिष्ट सीधे दमनगंगा नदी और आगे समुद्र तथा समुद्री तट तक पहुँचकर पर्यावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहे हैं।डंपिंग साइट की स्थिति अत्यंत दयनीय है। कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन हेतु आवश्यक रिसाइक्लिंग एवं अन्य मशीनें बंद पड़ी मिलीं। ठोस अपशिष्ट का उचित निस्तारण न होने के कारण वहाँ प्रदूषित कचरे का विशाल पहाड़ खड़ा हो गया है, जो पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
दमन के सांसद उमेश पटेल ने संबंधित अधिकारियों से मांग कि इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से:
• टूटी हुई सुरक्षा दीवारों का पुनर्निर्माण किया जाए।
• लीचेट एवं प्रदूषित अपशिष्ट को दमनगंगा नदी में जाने से तुरंत रोका जाए।
• सभी रिसाइक्लिंग एवं अपशिष्ट प्रबंधन मशीनों को शीघ्र चालू किया जाए।
• डंपिंग साइट का वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित किया जाए।
• पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
दमन के सांसद उमेश पटेल ने कहा की पर्यावरण की रक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का दायित्व है। दमनगंगा नदी और हमारे समुद्री तटों को प्रदूषण से बचाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

