सिलवासा। दादरा एवं नगर हवेली की सांसद कलाबेन मोहनभाई डेलकर ने गृह मामलों संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्ययन दौरे के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, सिक्किम की राजधानी गंगटोक तथा भारत-चीन सीमा पर स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नाथूला बॉर्डर का दौरा किया
। इस अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं तथा विभिन्न विभागों के समन्वय का प्रत्यक्ष अवलोकन करना था।दौरे के दौरान सांसद कलाबेन डेलकर को भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को निकट से देखने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों के साहस, समर्पण और कठिन परिस्थितियों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।अध्ययन दौरे के दौरान मेजर जनरल आशीष नेगी सहित भारतीय सेना, पुलिस विभाग, बैंकिंग क्षेत्र तथा विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मानव तस्करी की रोकथाम, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, महिला सशक्तिकरण, जनजातीय समुदायों के समग्र विकास तथा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन विषयों पर अपने अनुभव साझा किए तथा विभिन्न राज्यों में संचालित योजनाओं और नवाचारों की जानकारी भी दी।सांसद कलाबेन डेलकर ने कहा कि यह अध्ययन दौरा उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक रहा। उन्होंने कहा कि दादरा एवं नगर हवेली की जनता के आशीर्वाद से उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव रखने का अवसर प्राप्त हुआ, जो उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस अध्ययन दौरे से प्राप्त अनुभवों और सुझावों का लाभ भविष्य में दादरा एवं नगर हवेली के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा क्षेत्र के समग्र विकास में मिलेगा। साथ ही उन्होंने भारतीय सेना, सुरक्षा बलों एवं सभी संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में लगे जवानों का त्याग और समर्पण प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है।

