एनआरआई केशव बटाक ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग की है। एनआरआई ग्रुप लंदन-यूके के कन्वीनर केशव बटाक ने गृह मंत्री अमित शाह को भेजे पत्र में लिखा कि मुर्शिदाबाद, मालदा, 24 परगना जिलों में वक्फ संशोधन कानून के विरोध की आड़ में बेकसूर हिन्दुओं पर अत्याचार हुआ। हिन्दुओं के घरों-दुकानों को जलाया गया। मुर्शिदाबाद में बहुसंख्यक समुदाय के लोगों खासकर बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं ने अल्पसंख्यक हिन्दुओं को मार काट कर घरों से भागने को मजबूर किया है। मालदा और 24 परगना जिलों के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने बहुसंख्यक हिन्दुओं पर अत्याचार किया। बेकसूर हिन्दुओं को घरों, खेतों, दुकानों और जायदादों को छोड़ कर भागने को विवश किया। इन बेचारे हिंसा पीड़ितों को शरणार्थी शिविरों में रहना पड़ रहा है। जबकि बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल में बसाया हुआ है। बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल में फर्जी तरीके से आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड जैसे भारतीय कागजात मिले हुए हैं। ये घुसपैठिये इन भारतीय पहचान-पत्रों के सहारे दिल्ली, मुंबई और देश के विभिन्न राज्यों व शहरों में आबाद हो गये हैं। केशव बटाक ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र में आगे लिखा कि टीएमसी प्रमुख व सीएम ममता बनर्जी राजनैतिक तुष्टिकरण (फायदे) के लिए पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने पर तुली हुई हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस की आँखों के सामने हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहा है और प. बंगाल पुलिस तमाशा देख रही है, ऐसा हिंसा पीड़ितों का मीडिया बयान है। सीएम ममता बनर्जी के रहते पश्चिम बंगाल का भला नहीं होने वाला है। केशव बटाक ने गृह मंत्री को पत्र में लिखा कि सीएम ममता बनर्जी पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने का अभियोग लगा कर उन्हें आजीवन जेल में डाला जाये। कानून व्यवस्था विफल होने के कारण पश्चिम बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाया जाये। राजनैतिक तुष्टिकरण को अपराध घोषित किया जाये। राजनैतिक तुष्टिकरण को गैर जमानती अपराध और सजा आजीवन कारावास निर्धारित की जाये। तभी राजनैतिक तुष्टिकरण से देश को आग में झोंकने की हरकतों से निपटा जा सकेगा।

