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दादरा नगर हवेली और दमन-दीव को विधानसभा का दर्जा दिया जाए : राज्यसभा में शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत की जोरदार मांग।

Written by krishnanewsnetwork

▪️ पांडिचेरी, सिक्किम गोवा जैसे राज्य को विधानसभा का दर्जा दे सकते हो तो दादरा नगर हवेली और दमन-दीव को क्यों नहीं ? : संजय राउत
▪️दादरा नगर हवेली और दमन-दीव के लाखों नागरिक लंबे समय से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
▪️DDD में विधानसभा का अभाव एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं, चुने हुए जनप्रतिनिधियों को शक्तिहीन कर दिया गया है! अधिकारी अपने हिसाब से नियम-कानून बनाते हैं।

केंद्र शासित प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमन-दीव के लिए शिवसेना UBT के राज्यसभा सांसद श्री संजय राउत ने राज्यसभा में विधानसभा की गठन का बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया।
राज्यसभा के माध्यम से श्री राउत ने कहा कि, मैं देश के ऐसे विशाल केंद्र शासित प्रदेश की जनता की मांग को सदन में उठाना चाहता हूं, जिस प्रदेश का कोई सदस्य राज्यसभा में नहीं है। दादरा नगर हवेली और दमन- दीव के लाखों नागरिक लंबे समय से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। वहाँ के लोगों की मांग है कि दादरा नगर हवेली और दमन दीव को एक विधानसभा दे,और अधिकारी राज की बेड़ियों से हमें मुक्त करें।
वर्ष २०१४ में गृहमंत्रालय की संसदीय समिति ने इस केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा के गठन की सिफारिश की थी। इस समिति ने अपने रिपोर्ट न केवल गृह मंत्रालय को बल्कि राज्यसभा को भी सौंपी थी। लेकिन १२ साल बीत जाने के बाद भी यह सिफारिश धूल पक रही है ! क्या लोकतंत्र के प्रति हमारी कमिटमेंट पर सवाल नहीं उठाता ? आज इस क्षेत्र में विधानसभा का अभाव एक गंभीर समस्या बन चुकी है। चुने हुए जनप्रतिनिधि यानी नगर पंचायत जिला पंचायत को शक्तिहीन कर दिया है। और सारी सत्ता जो प्रशासनिक अधिकारी है उनके हाथों में केंद्रित हो रही है, जो अपने हिसाब से नियम-कानून बनाते हैं ।और स्थानिक जनप्रतिनिधियों को पूछते तक नहीं!
विधानसभा ना होने के कारण इस क्षेत्र का राज्यसभा में कोई प्रतिनिधि नहीं है। क्या आप उसे उचित समझते हैं कि भारत के एक हिस्से को संसद के उच्च सदन में अपनी आवाज उठाने का अधिकार ही ना मिले ? वहां के लोग सवाल उठाते हैं कि जब सिक्किम, गोवा , पांडिचेरी जैसे छोटे राज्य जिनके पास एक या दो लोकसभा की सीट है सीमित राजस्व है उनको विधानसभा का दर्जा दे सकते हो तो दादरा नगर हवेली और दमन दीव को ये अधिकार क्यों नहीं ? इस क्षेत्र के पास लोकसभा की दो सीट हैं। इसका रेवेन्यू उन छोटे राज्यों से कई गुना ज्यादा है। आबादी बढ़ रही है फिर भी उनके साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों है ? पहले यह क्षेत्र पुर्तगीज की गुलामी में जकड़ा था। आज आजादी के इतने वर्षों बाद भी अधिकारी राज के चंगुल में फंसे हुए हैं। क्या यह हमारी डेमोक्रेटिक व्यवस्था का माहौल नहीं है । लोग कहते हैं कि हमें इन परिस्थितियों से निकालकर संवैधानिक अधिकार दे दो । और यह बिल्कुल सही भी है। मैं केंद्र सरकार से पूछना चाहता हूं, इस क्षेत्र को विधानसभा देने में तकलीफ क्या है? अगर छोटे-छोटे ओर राज्य है उनको केंद्र शासित प्रदेश होने के बावजूद विधानसभा देते हो तो दादरा नगर हवेली दमन दीव के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों ? दादरा नगर हवेली और दमन-दीव के लोगो को लोकशाही का पूर्ण अधिकार मिलना चाहिए ऐसी जोरदार मांग शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के सांसद श्री संजय राउत ने की है।

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