Hindi

पृथक पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर पूर्वांचल राज्य जनांदोलन की सूरत से काशी की पद यात्रा 23 वें दिन पहुंची माँ विंध्यवासिनी के दरबार

Written by krishnanewsnetwork

जैसा कि विदित है पूर्वांचल राज्य जानंदोलन विगत 11 वर्षों से लगातार अपने जमीनी आंदोलनों के माध्यम से केंद्र सरकार पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों को अलग कर पृथक पूर्वांचल राज्य के गठन का दबाव बनाता आया है, इसी क्रम में पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के गुजरात प्रभारी श्री अमित तिवारी जी एवं सूरत प्रभारी श्री सुनील मौर्या जी पृथक पूर्वांचल राज्य की मांग हेतु *हे भोले नाथ बनवा दो पूर्वांचल राज्य* के नारे के साथ सूरत से प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की पद यात्रा पर हैँ, ये पदयात्रा गुरूवार 7 नवंबर को प्रारम्भ होकर झाबुआ, उज्जैन, भोपाल, सागर, मैहर, रीवा होते हुए लगभग 1250 किमी की दूरी तय कर यात्रा के 23 वें दिन शुक्रवार 29 नवंबर को पूर्वांचल के मिर्जापुर जनपद में पहुंची जहाँ विंध्याचल में पदयात्री रात्रि विश्राम पर रहे जहाँ उनका स्थानीय जनों ने भव्य स्वागत किया। यात्रा में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर हनुमाना कस्बे से पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुज राही हिन्दुस्तानी और मुख्य राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश पांडेय भी शामिल हुए। पीआरजे के मिर्ज़ापुर प्रभारी विजय मौर्य ने बताया कि यह यात्रा अगले तीन दिनों में 70 किमी की दूरी तय कर दो दिसम्बर को काशी में बाबा काल भैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन उपरांत समाप्त होगी, मिर्जापुर के सह प्रभारी इम्तियाज अहमद ने बताया कि विंध्याचल से इस पद यात्रा में पीआरजे की मुख्य राष्ट्रीय महासचिव वंदना रघुवंशी भी शामिल हो गई हैँ।
पत्रकारों से बात करते हुए पदयात्री अमित तिवारी ने बताया कि पूर्वांचल के युवा तमाम पूर्वांचल के प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न एवं बड़े बजार के होने के बावजूद तमाम पश्चिमी राज्यों में रोजी रोजगार के लिए जाने को मजबूर हैँ और उपेक्षा का शिकार हैँ जबकि पूर्वांचल में ही उद्योग धंधों के विकास की अपार संभावनाएं हैँ।
अनुज राही हिन्दुस्तानी ने कहा कि आज यूपी प्रति व्यक्ति आय में भारत के 28 में नीचे से दूसरे नंबर पर है जबकि यूपी से पृथक हुए उत्तराखण्ड की प्रति व्यक्ति आय आज यूपी की ढाई गुनी है, उन्होंने कहा छोटे राज्य तेज विकास की गारंटी होते हैँ यही कारण है कि बड़े राज्यों से अलग होकर बने राज्य गुजरात, हरियाणा, हिमांचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, छतीसगढ़ तीव्र विकास कर रहें हैँ। संगठन की मुख्य राष्ट्रीय महासचिव वंदना रघुवंशी ने कहा कि छोटे राज्यों में ही जनता की अपनी चुनी हुई सरकार और सरकार की प्रशासन पर पकड़ मजबूत होती है जिससे न केवल क़ानून व्यवस्था अच्छी होती बल्कि सरकार की योजनाएं बेहतर ढंग से लागू हो पाती हैँ। इस अवसर पर शैलेश वर्मा, सूबी बानो, उमेश मिश्रा, अमल मिश्रा, हरवंश पटेल आदि तमाम स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

About the author

krishnanewsnetwork

Leave a Comment