दमण एवं दीव के लोकलाड़िले सांसद श्री उमेशभाई बी पटेल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा की कुछ दिनों से मुझे बहुत सारे लोगोका कॉल आया की इस बार दिवाली की २२ दिन की छुट्टी को शिक्षा विभाग के अधिकारीओ ने केवल १० या ११ दिनों की कर दी जिसके लिये में शिक्षा विभाग के अधिकारीओ को कहना चाहता हूँ । की ये दादरा एवं नगर हवेली और दमण एवं दीव के शिक्षा विभाग के जो अधिकारी है उसको क्या लगता है की ये सरकारी कर्मचारी इनके बापके नौकर है ? क्या इनके ग़ुलाम है ? क्या इनकी निजी ज़िंदगी नहीं है ? क्या सरकारी कर्मचारी होना कोई गुनाह है ? क्या सरकारी कर्मचारी ओ की तनख़्वाह इनके जेब से जाती है ? दमण एवं दीव में आये हुए डानिक्स, आईएएस, आईपीएस अधिकारी क्या इनकी जेब से शिक्षा विभाग के कर्मचारीओ की तनख़्वाह जाती है ? मैं ये पूछना चाहता हूँ की ये शिक्षक और शिक्षा विभाग में काम करने वाले कर्मचारी उनको दिवाली वेकेशन की छुट्टी नहीं मिलनी चाहिए ? क्यों नहीं मिलनी चाहिए ? आप लोग अलग अलग बहाना ढूँढ लेते है एसएससी का इम्तिहान का बहाना ढूँढ लेते है तो कभी NAS की परीक्षा का बहाना ढूँढ लेते है । तो क्या पूरे देश में NAS की परीक्षा नहीं होती है ? पूरे देश की शालाओं में दशवी (१०) वी और बारहवीं (१२)की परीक्षा नहीं होती है ? क्या दमण एवं दीव के लिये क्राइटेरिया अलग है ? हमारे पड़ोस के राज्य गुजरात में पूरा वेकेसन मिल रहा है । पूरे देश में हमारे ही साथ यह ऐसा अन्याय क्यों? जब शालाओ में सत्र समाप्त हुआ तो शिक्षकों को वेकेसन नहीं मिला । उसके बाद हमारे प्रदेश में शिडयुल है कि क्रिसमस का भी वेकेसन रहता है और वह बायप्रिकेटेड रहता है। इतनी छुट्टियाँ देनीही होती है जिसको पिछले साल नहीं दी थी । अब दिवाली वेकेशन की भी छुट्टी नहीं देंगे तो शिक्षा विभाग से जुड़े हुए कर्मचारीओ का परिवार ने पहले से घूमनेका आयोजन तय करके बैठा होगा तो छुट्टी नहीं मिलने पर क्या करेगा ? आप एसी चेंबर में बैठकर कब तक ऐसे फ़ैसले लेते रहेंगे ?आपको कोई सर्म जैसी चीज है कि नहीं है ? तो मैंने शिक्षा विभाग के अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि ये जो दिवाली वेकेशन को जो आपने काटा है उसको फिर से बहाल करे । जो हमारे शिक्षक है और शिक्षा विभाग से जुड़े हुए हर एक कर्मचारी है उसको पूरा दिवाली वेकेशन का अधिकार है वह उनको मिलना चाहिए । बहाना मत बनाइए और ये तुगलकी फ़रमान मत दो। हमारी सरकार ये कहती है कि बच्चों को भी पढ़ाई के साथ साथ उनके वेवेशन की भी सुविधा होनी ही चाहिये। उनको तनावमुक्त शिक्षा देना होता है । इसका मतलब ये नहीं है उनकी छाती पर चढ़कर शिक्षा नहीं दी जाती है , उनके भी परिवार ने कोई प्लानिंग की होगी । उन बच्चों को घूमानेकी योजना बनाई होगी । पूरे देश में शिक्षण विभाग एक समान नियम है वह नियम दादरा नगर हवेली तथा दमण एवं दीव में भी लागू हो । तो कृपया करके दादरा एवं नगर हवेली और दमन दीव के लिये अलग नियम ना बनाइए । आप लोग तो मौज करोगे अपने परिवार के साथ खाओगे पिओगे अपने परिवार के साथ ताकड़धीनना करते हो गवर्नमेण्ट की सेलेरी के साथ साथ मावा मिठाई के साथ गाड़ियाँ, बंगला मिलता है आपको विशेष छुट्टियाँ मिलती है हमारे प्रदेश के लोगोके साथ ऐसा दुर्भाव से काम ना किया करो । आपको जो पगार मिलती है वह हमारे लोगोकी ही बदौलत मिलती है और उम्मीद करता ही की मैंने जो पत्र लिखा है उसपर संघप्रदेश प्रशासन संज्ञान लेगा और हमारे लोगोकी भावनाओं को समझकर उनके साथ न्याय करेगा और यह पत्र केवल प्रशासन को ही नहीं बल्कि केंद्र में बैठे मंत्री श्री शिक्षा मंत्रालय को भी संज्ञान लेने के लिए इसकी जानकारी दी है तो में उम्मीद करता हूँ हमारी भावनाओं ओ को समझेंगे और हमारे साथ न्याय करेंगे ।

