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पेयजल और शौचालय की समस्या को लेकर स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर के सैकड़ों छात्र-छात्राएं पहुंचे कलेक्टर कार्यालय

Written by krishnanewsnetwork

दादरा नगर हवेली में प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। आम जनता अव्यवस्थाओं के कारण परेशान है ही अब छात्र-छात्राओं तक को प्रशासक के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देशन का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इसका ताजा उदाहरण सोमवार 7 जुलाई 2025 की प्रातः लगभग 11 बजे देखने को मिला। जब स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर (झंडा चौक) के सैकड़ों छात्र-छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इन सभी का कहना था कि स्कूल को खुले हुए दो माह हो गए हैं लेकिन हमें पीने का पानी नहीं मिल रहा। पानी के अभाव में शौचालय और पेशाब घर का इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो गया है। कक्षा 12वीं की एक छात्रा ने कहा बॉयज स्टूडेंट तो कहीं पर भी लघु शंका का निवारण कर सकते हैं लेकिन छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हीं छात्राओं में से एक छात्रा ने अपनी परेशानी को कुछ और स्पष्ट करते हुए बताया कि मंथली पीरियड्स के दौरान हम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन लोगों ने यह भी बताया कि स्कूल को शुरू हुए 2 महीने हो गए हैं लेकिन स्कूल में शुरू से ही पानी की और वॉशरूम की समस्या है। टॉयलेट में पानी नहीं आता है। स्कूल टीचर्स अपने उपयोग के बाद टॉयलेट में ताला लगाकर चाबी छुपा देते हैं। इन छात्र-छात्राओं को स्कूल के समय परिवर्तन को लेकर भी शिकायत थी।

छात्र-छात्राओं के इस तरह कलेक्टर ऑफिस पहुंचने पर एसडीएम अमित कुमार एवं जिला शिक्षा अधिकारी बलवंत बी पाटील ने छात्रों को न केवल समझाइश दी बल्कि उन्होंने स्वयं स्कूल पहुंचकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया बल्कि समस्या की गंभीरता से भी रूबरू हुए। जिला शिक्षा अधिकारी बलवंत पाटिल ने लुहारी टाइम्स के सिटी रिपोर्टर जितेंद्र शर्मा से बातचीत में बताया कि स्कूल में पानी के जो मोटर और पंप लगाए गए हैं वह अत्याधुनिक हैं। पानी का पंप स्वचलित है जो एक टंकी भर जाने पर अपने आप दूसरी टंकी को भरने लगता है। उन्होंने बताया कि मोटर पंप अभी गारंटी पीरियड में है। इसकी रिपेयरिंग यहां नहीं होती है। इसलिए लोकल में किसी व्यक्ति को नहीं दिखाया जा सकता। उन्होंने कहा हमने तात्कालिक पानी की व्यवस्था कर दी है और एक पुराना पंप पड़ा था जिसे फिट करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पुरानी लाइब्रेरी को मरम्मत और रंग रोगन कर स्टडी के लिए शीघ्र ही छात्र-छात्राओं को समर्पित करने वाला है। छात्रों की स्कूल समय को बदलने की मांग पर उन्होंने जवाब दिया कि पहले स्कूल दो शिफ्ट में चलता था। लेकिन जब प्रशासन ने इतनी बड़ी और आधुनिक बिल्डिंग का निर्माण कराया है तो सभी छात्रों को एक ही स्कूल में यानी कि टोकरखाड़ा के छात्रों को भी यहां (झंडा चौक) एडमिशन दे दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के नाम पर एक भी रुपया नहीं वसूलता है और उनकी पढ़ाई संबंधित सारी व्यवस्थाएं करता है। मात्र बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों से फीस ली जाती है। उन्होंने कहा कि जब छात्र छात्रों के लिए पर्याप्त बैठक व्यवस्था है तब स्कूल की दो शिफ्ट चलाना कहां तक न्याय संगत है यह बात छात्र-छात्राओं को और अभिभावकों को भी समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेंट्रल लाइब्रेरी में पढ़ने-बैठने की उचित व्यवस्था है जो छात्र छात्राएं पढ़ने वाले हैं, वह लाइब्रेरी का भरपूर इस्तेमाल करें और फालतू बातों की बजाय सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान दें। उनकी मूलभूत सुविधाओं के लिए शिक्षा विभाग हमेशा तत्पर था, है और हमेशा रहेगा।

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