प्रशासनिक अधिकारों के तहत दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के माननीय प्रशासक ने गोवा, दमन और दीव भूमि राजस्व (भूमि उपयोग परिवर्तन और गैर-कृषि मूल्यांकन) नियम, 1969 में संशोधन किया है। यह संशोधन 2025 से लागू होंगे और इन्हें आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी माना जाएगा। प्रमुख संशोधन:1. गैर-कृषि उपयोग की अनुमति अवधि:अब किसी भी भूमि पर यदि गैर-कृषि उपयोग की अनुमति दी जाती है, तो 5 वर्षों के भीतर उपयोग प्रारंभ करना अनिवार्य होगा। यदि इस अवधि में कार्य शुरू नहीं किया गया, तो अनुमति स्वतः समाप्त हो जाएगी। हालांकि, कलेक्टर के विवेक पर अधिकतम 40 गुना गैर-कृषि मूल्यांकन शुल्क लेकर 5 साल की अतिरिक्त अवधि दी जा सकती है। इस नवीनीकरण को नई अनुमति नहीं माना जाएगा। 2. नियम 7-A को हटाया गया:पुराने नियमों में शामिल नियम 7-A को अब पूरी तरह से हटा दिया गया है। 3. अनुसूची-II की शर्त संख्या 4 में संशोधन:अब निर्माण कार्य भी अनुमति मिलने की तिथि से 5 साल के भीतर शुरू करना होगा। अन्यथा, अनुमति समाप्त मानी जाएगी, जब तक कि कलेक्टर द्वारा अतिरिक्त समय नहीं दिया जाए (पूर्ववत शर्तों के अनुसार)। यह संशोधन भूमि के नियोजित और समयबद्ध उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सरकारी राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ भूमि के अनावश्यक पड़े रहने की समस्या को भी दूर किया जा सकेगा।

