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आदिवासी-आदिवासी कहकर भाजपा अध्यक्ष दीपेश टंडेल द्वारा आदिवासी समाज का अपमान किया है. आदिवासी-आदिवासी नहीं,आदिवासी समाज बोलिए. भाजपा पार्टी कि मानसिकता दर्शाती है कि आदिवासियों के प्रति कीतनी नफरत और घृणा करते है: प्रभु टोकिया (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, दा.न.ह)

*आपको मेरा खुला चैलेंज है, अगर आप में, आपके किसी भी पार्टी के नेता और सांसद में दम है तो दादरा एवं नगर हवेली के 11 साल के सेवा,सुशासन और गरीब कल्याण के ऊपर मेरे साथ जनता और मीडिया के सामने खुली डिबेट करो.सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा

दादरा एवं नगर हवेली और दमन दिव भाजपा अध्यक्ष दीपेश टंडेल कांग्रेस के कार्यकाल में बने स्कूल में पढ़ाई करने वाले व्यक्ति आज कांग्रेस पार्टी के ऊपर सवाल खड़े कर रहे हैं. है ना दोगलीगिरी,बात संविधान की करते हैं दीपेश जी की सायद याददाश्त थोड़ी कमजोर हो गइ है,उनके पार्टी का इतिहास पता नहीं ज्यादा,इसलिए थोड़ा सा याद करवा देता हू कि जिस पार्टी के आप अध्यक्ष है उस पार्टी के विचारधारा के लोगों द्वारा जब देश में संविधान लागू हुआ था, तब बीजेपी वालों ने संविधान को जलाकर विरोध किया था. 52 साल तक देश का देश का झंडा तक नहीं लहराया अपने कार्यकाल में वह लोग हमें राष्ट्रवाद देश को सिखाने निकले हैं,दीपेश टंडेल जी का कोई वजूद नहीं है खुद पूरी तरह से फ्रस्ट्रेटेड चल रहे है, क्योंकि उनके सरकार में उनका कोई वजूद नहीं है. उनके कार्यकाल में दमन दीव का गत लोकसभा बीजेपी के प्रत्याशी सांसद का चुनाव हार गए,दादरा एव नगर हवेली बीजेपी के सांसद है उसका कोई वजूद नहीं. प्रदेश के तीनों जिलों में गांव से लेकर प्रदेश तक उनकी ही सत्ता है, केंद्र में सरकार भी उनकी है और प्रशासन भी उनके ताबे हैं, बावजूद उनका कुछ नहीं चलता है, सुना है उनके ऊपर कुछ मामले में FIR भी दर्ज हुई है.इस लीये उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई है ऐसा लग रहा है. किसी अच्छे डॉक्टर को दिखा लो, भाजपा विचारधारा के लोगों की आदिवासी समाज के प्रति उनकी मानसिकता दर्शाती है की आदिवासी समाज के प्रति उनकी सोच क्या है, जिस हलके लैंग्वेज में आदिवासी-आदिवासी शब्द का उच्चारण और मेरा नाम लेकर आदिवासी प्रभु टोकिया कर रहे हैं, इसे साफ पता चलता है कि गत लोकसभा में आदिवासियों ने आपके सांसद प्रत्याशी को वोट नहीं दिए इसलिए आदिवासी समाज से नफरत और घृणा करते हैं, बीजेपी अध्यक्ष दीपेश टंडेल जी थोड़ी तो शर्म करो, मुर्मू जी देश के सर्वोच्च पद पर बैठी है,उनका नाम तो सन्मान से लेते,बीजेपी और आपके दिमाग में आदिवासी समाज प्रति इतनी नफरत भरी है, कि राष्ट्रपति मुर्मू जी का नाम लेते वक्त भी आपने आदिवासी महिला बोलकर, आदिवासी समाज की महिला राष्ट्रपति के पद पर बिराजमान आदिवासी समाज के महिला का अपमान किया हैं. दीपेश टंडेल जी वह इस देश की सर्वोच्च पद पर बैठी आदिवासी समाज की महिला राष्ट्रपत है,उनका नाम तो सन्मान से लेते.आपको और आपकी सरकार की प्रशासन को शर्म आनी चाहिए, एक आदिवासी समाज की महिला राष्ट्रपति महोदय के मुंह से इतना बड़ा झूठ बुलवाया की पूरे देश में पहला ऐसा विस्तार है कि जहां पर हर घर नल योजना के तहत हर घर में पानी पहुंचा दिया इतना बड़ा झूठ बुलवाया, क्या इसलिए मोदी सरकार ने आदिवासी समाज के महिला को राष्ट्रपति बनाया ? यह देश के राष्ट्रपति का अपमान है और हमारे आदिवासी समाज की महिला राष्ट्रपति है इसलिए इस तरह का कृत्य किया ? प्रदेश की जनता को कितना गुमराह करोगे दीपेश टंडेल जी ? जनता के हक अधिकार के लीये तो आपने कभी नहीं मुंह खोला ? जब आपकी सरकार के प्रशासन द्वारा जनता का शोषण किया जा रहा है, जब हजारों लोगों के घर-दुकान-रूम तोड़े जा रहे हैं, हजारों लोगों की नौकरियों से निकाल दिया, रोड खराब हो चुके हैं, रोड खराब होने की वजह से कई लोगों की अब तक जान चली गई,भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, अधिकारियों की तानाशाही बढ़ गई है, वहां तो औकात नहीं है आपकी दो शब्द बोलने की ? चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अस्तित्व खत्म कर दिया, पंचायत राज के पावर खत्म कर दिए, आए दिन आपके पार्टी के मंत्री प्रदेश में आते रहते हैं लेकिन जनता के समस्याओं का निराकरण क्यों नहीं होता है. क्या दिल्ली से आने वाले मंत्री सिर्फ अपना कमीशन लेने आते हैं ? आपको मेरा खुला चैलेंज है, अगर आप में, आपके किसी भी पार्टी के नेता और सांसद में दम है तो दादरा एवं नगर हवेली के 11 साल के सेवा,सुशासन और गरीब कल्याण के ऊपर मेरे साथ जनता और मीडिया के सामने खुली डिबेट करो.सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा |

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