दमण-दीव के सांसद उमेश पटेल ने प्रस्तावित टाउन प्लैनिंग स्कीम का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने से दमण के अनेक स्थानीय नागरिक प्रभावित होंगे और कई घर-मकान दोबारा तोड़ने की नौबत आ सकती है।सांसद उमेश पटेल ने प्रशासन के समक्ष इस योजना से जुड़ी कई गंभीर जानकारियाँ साझा कीं और बताया कि योजना में पारदर्शिता की कमी है। उनके अनुसार योजना को बिना जनप्रतिनिधियों की सहमति और स्थानीय नागरिकों की आपत्तियाँ दर्ज किए ही आगे बढ़ाया जा रहा है, जो कि 2018 की केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के खिलाफ है।उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर पहले भी कई लोग अपनी ज़मीन और मकान गंवा चुके हैं, और अब एक बार फिर वैसी ही स्थिति बन रही है। इस संदर्भ में उन्होंने दमण के अन्य चुने हुए जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वे इस योजना का विरोध करें और जनता के हितों की रक्षा करें।उमेश पटेल ने कहा, “प्रशासन अगर इसी तरह आगे बढ़ता रहा, तो यह स्कीम लोगों के जीवन पर सीधा असर डालेगी। यह सिर्फ विकास का नहीं, बल्कि विस्थापन और अन्याय का रास्ता है।”फिलहाल यह देखना होगा कि प्रशासन इस विरोध के बाद क्या रुख अपनाता है और क्या जनता की आवाज़ को सुनकर योजना में कोई बदलाव लाया जाता है।

