♦️ *भारत में बांग्लादेशियों, पाकिस्तानियों और रोहिंग्या घुसपैठियों की धर्मशाला बन चुके पश्चिम बंगाल की सरकार पर अंकुश लगाना जरूरी*
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों के मामले में NRI केशव बटाक द्वारा आयोग को लिखे ध्यानाकर्षण-पत्र पर संज्ञान में लेते हुए उक्त मसले पर केस ( केस नं. 3765/25/0/2025) दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू करने की जानकारी केशव बटाक को पत्र द्वारा प्रदान की है। NRI केशव बटाक की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों के मामले में केशव बटाक द्वारा 18 अगस्त 2024 को पत्रांक संख्या NRI/UK /124/2024 के तहत NHRC को किये कम्पलेन पर आयोग ने मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू करने की जानकारी से केशव बटाक को 15 मई 2025 को पत्र भेज अवगत कराया है। एनआरआई ग्रुप लंदन-यूके के कन्वीनर NRI केशव बटाक ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजे पत्र में पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों को रोकने में राज्य सरकार की विफलता को भी रेखांकित किया था। NRI केशव बटाक का कहना था कि राज्य सरकार की ढ़िलवाही के चलते पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशियों, पाकिस्तानियों और रोहिंग्या घुसपैठियों की भरमार है। ये घुसपैठिये पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं पर अत्याचार कर मानवाधिकारों का उल्लंघन करते रहते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को मामले की जाँच कर केन्द्र सरकार से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करवानी चाहिए। केशव बटाक ने सेन्ट्रल लंदन से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लिखा कि पश्चिम बंगाल बांग्लादेशियों, पाकिस्तानियों और रोहिंग्या घुसपैठियों की धर्मशाला बन चुका है जिसके लिए जिम्मेदार राज्य सरकार पर अंकुश लगाना जरूरी है। मैं NHRC को धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने मेरे ध्यानाकर्षण-पत्र पर गौर कर मामला दर्ज किया है। मेरी विनती है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मेरे 21 अप्रैल 2025 को पत्रांक संख्या NRI /UK /159/2025 पर गौर फरमाते हुए पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं के हुए कत्लेआम में मानवाधिकारों के हनन और अत्याचारों को रोकने में राज्य सरकार की विफलता पर स्टेट गवर्नमेंट की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने की कृपा करे।

