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प्रशासक प्रफुल पटेल ने दादरा नगर हवेली, दमन एवं दीव को प्राप्त अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया निरीक्षण

Written by krishnanewsnetwork

संघ शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव की विधि-व्यवस्था को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। प्रशासक प्रफुल पटेल ने हाल ही में शामिल की गई मोबाइल फॉरेंसिक वैनों में से एक का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक जिले – दादरा एवं नगर हवेली, दमन और दीव – में एक-एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की नियुक्ति की गई है।ये वैन 15 नवीनतम वैज्ञानिक किटों से सुसज्जित हैं, जिनमें सामान्य अन्वेषण किट, अपराध स्थल घेराव किट, साक्ष्य संग्रहण व पैकिंग किट, उच्च तीव्रता फॉरेंसिक प्रकाश स्रोत, डीएनए नमूना संग्रहण किट, पूर्ण फिंगरप्रिंट किट, अदृश्य फिंगरप्रिंट विकास किट, रक्त एवं वीर्य परीक्षण किट, विस्फोटक पहचान किट, नारकोटिक्स परीक्षण किट, यौन उत्पीड़न जांच किट, आगजनी जांच किट, गनशॉट अवशेष किट, बुलेट होल परीक्षण किट, पांव व टायर छाप ढलाई किट और डिजिटल साइबर किट सम्मिलित हैं।इन वैनों में डीएसएलआर कैमरा, स्टीरियो माइक्रोस्कोप, बॉडी वॉर्न कैमरा, वजनी तुला, सीसीटीवी, बारकोड रीडर व प्रिंटर, इन्वर्टर व जनरेटर और रेफ्रिजरेटर जैसे अ-वैज्ञानिक उपकरण भी उपलब्ध हैं। इन फॉरेंसिक वैनों की तैनाती 01 जुलाई 2024 से प्रभावी नए आपराधिक कानूनों के अंतर्गत की गई है, जिनके अनुसार सात वर्ष से अधिक कारावास की सजा वाले गंभीर अपराधों की स्थिति में इन वैनों की उपस्थिति और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करना अनिवार्य किया गया है।उल्लेखनीय है कि ये तीनों फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से सुसज्जित हैं, जिनमें अपराध स्थल पर ही साक्ष्य संकलन, विश्लेषण तथा प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करने की समुचित सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे पुलिस विभाग को आपराधिक घटनाओं की जांच में तीव्रता, दक्षता एवं पारदर्शिता प्राप्त हो रही है। इससे अपराधियों को शीघ्र चिन्हित कर कानून के दायरे में लाना संभव हो सकेगा।प्रशासक प्रफुल पटेल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इन संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और फॉरेंसिक किटों के प्रभावी संचालन हेतु पुलिस कर्मियों के निरंतर प्रशिक्षण के निर्देश दिए। इस अवसर पर केंद्र शासित प्रदेश के सलाहकार, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी (NFSU) के साथ एमओयू के अंतर्गत नियुक्त नए फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।

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