संसद में महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सांसद उमेश पटेल ने केंद्र शासित प्रदेश की वास्तविक स्थिति को सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रशासनिक नीतियों की कड़ी आलोचना की और प्रशासक पर तानाशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया।सांसद उमेश पटेल ने प्रशासक की कार्यशैली की तुलना उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग से करते हुए कहा कि प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा, “आज जनता की आवाज को दबाया जा रहा है, विपक्ष की कोई सुनवाई नहीं हो रही और शासन पूरी तरह से एकतरफा निर्णय ले रहा है। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही का परिचय है।”उन्होंने सदन में प्रदेश की वास्तविक स्थिति को उजागर करने का प्रयास करते हुए बताया कि प्रशासनिक फैसले बिना जनता की राय लिए थोपे जा रहे हैं। आम नागरिकों को न्याय और अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।सांसद उमेश पटेल के इस बयान के बाद सदन में हलचल मच गई। उनके इस आक्रामक रुख से यह साफ है कि वे जनता की समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन पर सीधा हमला बोलने के मूड में हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस आलोचना पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

