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दमन पुलिस को बड़ी सफलता: थाना प्रभारी शशि कुमार सिंह और उनकी टीम ने 250 सीसीटीवी फुटेज और 80 गेस्ट हाउस की जांच कर महिलाओं को निशाना बनाने वाले कुख्यात मदारी गैंग को दबोचा

Written by krishnanewsnetwork

दमन के कचिगाम क्षेत्र में हाल ही में ठगी के मामलों की जांच में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। 9, 10 और 14 जनवरी 2025 को दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने केवल 48 घंटों के भीतर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। ये ठगी के मामले “मदारी गैंग” नामक एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह से जुड़े थे, जो सम्मोहन तकनीक का उपयोग कर महिलाओं से नकदी और सोने के आभूषण ठगते थे। पहले मामले की जानकारी 9 जनवरी को सामने आई थी, जिसमें नानी दमन क्षेत्र की निवासी रितादेवी विजय साह ने शिकायत दर्ज कराई। रितादेवी ने बताया कि प्रिंस गार्डन के पास दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे ₹20,000 मूल्य के सोने के पेंडेंट ठग लिए। पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगों ने उन्हें सम्मोहित किया और उनके गहने लेकर फरार हो गए। दूसरा मामला 10 जनवरी को कचिगाम गार्डन के पास घटित हुआ, जब 35 वर्षीय मीरा देवी को ठगों ने निशाना बनाया। उन्होंने शिकायत में बताया कि ठगों ने उनके ₹60,000 मूल्य के सोने के झुमके और पेंडेंट उनसे छीन लिए। जांच में पाया गया कि ठगों ने उन्हें भी सम्मोहन के जरिए भ्रमित किया था। तीसरा मामला 14 जनवरी को दर्ज हुआ, जिसमें 53 वर्षीय आशा देवी ने बताया कि 7 दिसंबर 2024 को सरकारी स्कूल, डाभेल के पास ठगों ने उनसे ₹75,000 मूल्य के झुमके और पेंडेंट ठग लिए।कचीगाम थाना प्रभारी शशि कुमार सिंह ने इन मामलों की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस केतन बंसल के नेतृत्व में काम कर रही टीम ने 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 80 से अधिक गेस्ट हाउस, होटल और रेस्तरां में जांच की। प्रमुख साक्ष्यों में गेस्ट हाउस की फुटेज, मोबाइल नंबर, यात्रा मार्ग, और अपराध में इस्तेमाल किए गए ऑटो रिक्शा की पहचान शामिल थी। 12 जनवरी को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के विजय नगर क्षेत्र से इरफान (25) और शिकल उर्फ शेरखान उर्फ मेलू (22) को गिरफ्तार किया। इसके बाद 13 जनवरी को कचिगाम से स्थानीय ऑटो चालक राधे कुमार यादव (21) को हिरासत में लिया गया। आरोपियों के पास से 28 ग्राम सोना, चार मोबाइल फोन, एक गोल्ड वेट कैलिब्रेशन मशीन, और ₹1 लाख मूल्य का ऑटो रिक्शा बरामद किया गया। जब्त संपत्ति की कुल कीमत ₹3.10 लाख है। गिरोह का मुख्य अड्डा हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित है, और इनकी सक्रियता देशभर में देखी गई है।”मदारी गैंग” ने देशभर में 200 से अधिक अपराधों को अंजाम दिया है। यह गैंग लंबे समय से गुजरात, महाराष्ट्र, दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय था। पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह लोगों की कमजोरियों और अंधविश्वास का फायदा उठाकर उन्हें अपना शिकार बनाता था। गैंग के सदस्य आमतौर पर रेलवे स्टेशनों के पास स्थित गेस्ट हाउस और फुटपाथ पर ठहरते थे। अपने अपराधों को अंजाम देने के लिए ये स्थानीय ऑटो रिक्शा चालकों की मदद लेते थे। जुलाई और दिसंबर 2024 के दौरान गैंग ने वापी और आसपास के क्षेत्रों जैसे वलसाड, सिलवासा, उमरगाम, भीलाड़ और दमण में कई वारदातों को अंजाम दिया। फरीदाबाद, हरियाणा स्थित इस गैंग ने पुलिस के सामने अपने अपराधों को कबूल किया है। कचीगाम थाना प्रभारी शशि कुमार सिंह और उनकी टीम ने सूझ-बूझ से इस कुख्यात गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की। अब आरोपियों की जानकारी संबंधित पुलिस बलों के साथ साझा की जा रही है ताकि आगे की जांच की जा सके। पुलिस का कहना है कि इस गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से महिलाओं को निशाना बनाते थे। वे झूठे आध्यात्मिक उपायों और रसायन (सोडियम) का उपयोग कर उन्हें सम्मोहित करते थे और फिर उनकी नकदी और आभूषण लेकर फरार हो जाते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इरफान साकिर अहमद, शिकल उर्फ शेरखान, और राधे कुमार यादव शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जिन्होंने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा। पुलिस ने जनता से अपील की है कि अजनबियों के झूठे आध्यात्मिक दावों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश और चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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