अमली दयात पालिया वार्ड क्रमांक 01/15 में स्थित सरला परफॉर्मेंस कंपनी के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। वार्ड के काउंसलर मनोज दयात ने कलेक्टर, श्रम विभाग के अधिकारी, और सांसद को पत्र लिखकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।काउंसलर ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि कंपनी में विपुल सुरेश बर्फ नाम का व्यक्ति, जो बाउंसर के रूप में कार्यरत है, नियमित रूप से कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता है। आरोप है कि यह व्यक्ति कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करता है और महिलाओं के शौचालय के पास तस्वीरें खींचता है। इन घटनाओं के विरोध में करीब 22 कर्मचारियों ने आवाज उठाई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बिना किसी कारण नौकरी से निकाल दिया गया।मनोज दयात ने अपने पत्र में बताया कि इन कर्मचारियों में कई ऐसे मजदूर हैं जो 10 से 15 वर्षों से कंपनी के साथ जुड़े हुए थे। उनका अचानक नौकरी से निकाला जाना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि उनके परिवारों के लिए गंभीर आर्थिक संकट का कारण बन सकता है।काउंसलर ने कलेक्टर और श्रम विभाग से मामले की गहन जांच कराने की अपील की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि विपुल सुरेश बर्फ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और निकाले गए 22 कर्मचारियों को तुरंत बहाल किया जाए।कंपनी से निकाले गए कर्मचारियों का कहना है कि विपुल सुरेश बर्फ लंबे समय से अपने पद का दुरुपयोग कर रहा है। वे मानसिक प्रताड़ना और कार्यस्थल पर असुरक्षित माहौल के कारण लगातार तनाव में थे। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस व्यवहार का विरोध किया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।इस घटना से वार्ड के नागरिकों और अन्य श्रमिक संगठनों में रोष फैल गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है। वे इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।

