♦️ *प्रदेश लोजपा अध्यक्ष राजन सोलंकी ने शिक्षा हितों को बल प्रदान करने के प्रशासक प्रफुल पटेल के प्रयासों को सराहा*
♦️ *थ्रीडी संघ प्रदेश के लोजपा अध्यक्ष राजन सोलंकी ने कहा कि शिक्षा विभाग की कर्त्तव्यहीनता से प्रशासक के शिक्षा सुधारों पर पड़ रहा है बुरा असर*
प्रदेश लोजपा (आर) अध्यक्ष राजन सोलंकी ने प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में लोक हितों के मुद्दों को प्रशासन के समक्ष उठाने के वायदे के अनुरूप आज दानह के सरकारी माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अयोग्य प्रभारी प्राचार्यों की वजह से विद्यार्थियों की चौपट हो रही पढ़ाई की ओर एडमिनिस्ट्रेशन का ध्यान दिलाया है।
प्रदेश लोजपा अध्यक्ष राजन सोलंकी ने 29 नवंबर को शिक्षा सचिव को भेजे पत्र और प्रशासक एवं कलेक्टर को भेजी इसकी प्रतिलिपि वाले पत्र में लिखा कि दादरा एवं नगर हवेली में करीब 25-30 माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें से 1-2 विद्यालयों को छोड़ कर अधिकांश विद्यालयों में टीचर्स सिफारिश और तिकड़म भिड़ा कर प्रभारी प्राचार्य बने बैठे हुए हैं।
हमें मालुम हुआ है कि इन तिकड़मी प्रभारी प्राचार्यों और प्रिंसिपलों के पास इस पद के अनुरूप शैक्षणिक योग्यता और जरूरी प्रशिक्षण भी नहीं है! इनमें से अधिकतर प्राचार्य तो शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्यों के लिए निर्धारित मापदंडों पर भी खरा नहीं उतरते हैं ! ऐसा लगता है कि शिक्षा विभाग / निदेशालय ने नियमों को ताख पर रख कर इन तिकड़मी अध्यापकों को प्रभारी प्राचार्य / प्राचार्य बना कर बैठा दिया है। इन अयोग्य प्रभारी प्राचार्यों के चलते संबंधित विद्यालयों में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।
प्रदेश लोजपा अध्यक्ष राजन सोलंकी ने उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में आगे लिखा कि ऐसे अयोग्य प्राचार्यों के चलते प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई चौपट हो रही है। ऐसे अयोग्य प्राचार्यों को पदों से हटा कर उनकी जगह पर विद्यालयों के काबिल अध्यापकों को प्राचार्यों का प्रभार देकर प्राचार्यों की पूर्णकालिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
प्रदेश लोजपा अध्यक्ष राजन सोलंकी ने पत्र में आगे लिखा कि प्रशासक प्रफुल पटेल जी थ्रीडी संघ प्रदेश में बुनियादी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक नये शिक्षण संस्थानों की स्थापना और शैक्षणिक सुविधाओं के विकास से शिक्षा हितों को बल प्रदान करने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, मगर शिक्षा विभाग ही अपने दायित्वों का सही निर्वाह नहीं कर रहा है। शिक्षा विभाग ने अभी तक प्राचार्यों की नियुक्ति (भर्ती) प्रक्रिया शुरू नहीं की है, जिससे प्रशासकश्री के शिक्षा सुधारों पर असर पड़ रहा है। इस लिए नये प्राचार्यों की भर्ती होने तक दानह के सरकारी माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के मौजूदा अयोग्य प्राचार्यों को हटा कर उनकी जगह काबिल अध्यापकों को प्रभारी प्राचार्य बनाया जाना चाहिए।

