दमण एवं दीव प्रशासन ने क्षेत्र के लाखों लोगों को शुद्ध पानी पीने से वंचित कर घोर पाप किया है और इसकी जांच होनी चाहिए—सांसद उमेशभाई पटेल।चुने हुऐ जनप्रतिनिधियो ने जनता के साथ किया विश्वासघात।सांसद श्री उमेशभाई पटेल जी ने आज लोकसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से केन्द्र शासित प्रदेश दमण एवं दीव के लोगों के लिए सुरक्षित और शुद्ध पेयजल का मामला उठाते हुआ कहा की हमारे प्रदेश मे पानी की बहुत बड़ी समस्या है, लोगो को पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है, किसानो के हक का केनाल एवं तालाब के पानी से दारूवाले दारू बना रहें हैं, बाकी फेक्ट्रीवाले एवम किसान पानी की किल्लतो का सामना कर रहे हैं।सांसद महोदय ने आगे बताया कि तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से प्रदेश में पेयजल योजना में कार्यान्वित कि जा रही योजनाओ और कितने परिवारों को पानी मिल रहा है ? उसकी जानकारी मांगी।
जवाब मे माननीय पेयजल आपूर्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल ने कहा कि हमने केन्द्र शासित प्रदेश दमण एवं दीव प्रशासन को क्षेत्र वासियों के लिए शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए प्रस्ताव मांगा था लेकिन वहां के स्थानीय प्रशासक ने लिखित रूप में कहा है कि प्रदेश के 100 प्रतिशत परिवारों को नल के माध्यम से पानी मिल रहा है।
माननीय मंत्री ने कहा की भारत सरकार अपने केन्द्र शासित प्रदेश को पानी के लिए बजट देने का अनुरोध भी किया था, लेकिन प्रदेश प्रशासक ने उसके लिए मना कर दिया है। साथ ही जब सांसदजी ने इस की जांच की मांग की तो मंत्रीजी ने कहा की संघप्रदेश के प्रशासन प्रदेश के सरपंचों ने हमारे प्रदेश मे 100 % घरों मे पानी पहुँचनेका प्रमाणित कर दीया होने की बात कही जो बेहद ही दु:खद थी।सांसद ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भारत सरकार को गलत जानकारी देकर भारत सरकार और क्षेत्र के लोगों को गुमराह किया। हजारों परिवारों को शुद्ध पानी पीने से वंचित कर घोर पाप किया है जिसकी सजा दोषी आधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मिलनी चाहिए।

