सिलवासा। परीक्षा में फेल होना जिंदगी का अंत नहीं, निराशा के भंवर से निकल खुद में भरोसा जगाएं, विफलता के बाद ही मिलती है सफलता उपरोक्त बातें फतेहसिंह चौहान ने कही है।
लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरीटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन फतेहसिंह चौहान ने प्रदेश के छात्रों के नाम एक संदेश दिया है। परीक्षा में पास-फेल लगा रहता है, यदी बच्चा किसी कारणवश फेल हो भी जाता है, तो जिदंगी से हताश हो जाना समझदारी नही। कई बार देखा जाता है कि बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद छात्र आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं।
परीक्षा में कम नंबर आना या फिर फेल हो जाने का मतलब ये नहीं है कि दुनिया खत्म हो गई। प्रयास के साथ सफलता को छुआ जा सकता है। सीढ़ी दर सीढ़ी छलांग ही मनुष्य को सफलता के करीब ले जाती है। उन्होंने कहा कि हर परीक्षार्थी चाहता है कि वह परीक्षा नें अच्छे नंबर लाए और अपने सपने को साकार कर सकें। जिसके लिए वह दिन रात मेहनत करता है। लेकिन कई बार कई वजहों से अच्छे मार्क्स नहीं आ पाते या आप परीक्षा में फेल हो जाते हैं। जिस वजह से वह निराश हो जाते हैं और उन्हें लगता है कि उनके सभी सपने टूट गए हैं। लेकिन ऐसा नही है, दुनिया में कई ऐसी महान हस्तियां हुई हैं जो किसी ना किसी परीक्षा में फेल हुए हो या कम नंबर आए हों लेकिन फिर भी सफलता का मुकाम हासिल किया और अपनी अलग पहचान बनाई। रविन्द्रनाथ टैगोर, बिल गेट्स, अल्बर्ट आइंस्टीन, वाल्ट डिज्नी, थॉमस एडीसन, चार्ल्स डार्विन ऐसे ही कुछ नाम है। जीवन में सफलता पाने के लिए असफल होने के डर से अधिक सफल होने कि प्रबल इच्छा होनी चाहिए। सभी निर्णय अनुभव से आते है और अनुभव विफलताओ से मिलते हैं। अपने मन को कभी निराश ना होने दें बल्कि अपनी इच्छाशक्ति को और दृढ़ करें और पुनः अपने लक्ष्य को पाने के लिए जुट जाए। निरंतर परिश्रम करने से असाध्य माना जाने वाला काम भी हो जाता है। कुएं से पानी खींचने पर जब रस्सी बार-बार आती-जाती है तो कोमल रस्सी की रगड़ से कड़ा पत्थर भी घिस जाता है।
छात्रों के अभिभावक बच्चों पर नजर रखें, उनके बढ़ते तनाव पर एक्शन लें। उनके साथ बातें करें, उनके मन की बातों को बाहर निकालें और अगर वे प्रॉब्लम में दिखें तो उनकी मदद करें। उनमें आत्मविश्वास भरने की कोशिस करें।
लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरीटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन फतेहसिंह चौहान ने प्रदेश के छात्रों के नाम एक संदेश दिया है। परीक्षा में पास-फेल लगा रहता है, यदी बच्चा किसी कारणवश फेल हो भी जाता है, तो जिदंगी से हताश हो जाना समझदारी नही। कई बार देखा जाता है कि बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद छात्र आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं।
परीक्षा में कम नंबर आना या फिर फेल हो जाने का मतलब ये नहीं है कि दुनिया खत्म हो गई। प्रयास के साथ सफलता को छुआ जा सकता है। सीढ़ी दर सीढ़ी छलांग ही मनुष्य को सफलता के करीब ले जाती है। उन्होंने कहा कि हर परीक्षार्थी चाहता है कि वह परीक्षा नें अच्छे नंबर लाए और अपने सपने को साकार कर सकें। जिसके लिए वह दिन रात मेहनत करता है। लेकिन कई बार कई वजहों से अच्छे मार्क्स नहीं आ पाते या आप परीक्षा में फेल हो जाते हैं। जिस वजह से वह निराश हो जाते हैं और उन्हें लगता है कि उनके सभी सपने टूट गए हैं। लेकिन ऐसा नही है, दुनिया में कई ऐसी महान हस्तियां हुई हैं जो किसी ना किसी परीक्षा में फेल हुए हो या कम नंबर आए हों लेकिन फिर भी सफलता का मुकाम हासिल किया और अपनी अलग पहचान बनाई। रविन्द्रनाथ टैगोर, बिल गेट्स, अल्बर्ट आइंस्टीन, वाल्ट डिज्नी, थॉमस एडीसन, चार्ल्स डार्विन ऐसे ही कुछ नाम है। जीवन में सफलता पाने के लिए असफल होने के डर से अधिक सफल होने कि प्रबल इच्छा होनी चाहिए। सभी निर्णय अनुभव से आते है और अनुभव विफलताओ से मिलते हैं। अपने मन को कभी निराश ना होने दें बल्कि अपनी इच्छाशक्ति को और दृढ़ करें और पुनः अपने लक्ष्य को पाने के लिए जुट जाए। निरंतर परिश्रम करने से असाध्य माना जाने वाला काम भी हो जाता है। कुएं से पानी खींचने पर जब रस्सी बार-बार आती-जाती है तो कोमल रस्सी की रगड़ से कड़ा पत्थर भी घिस जाता है।
छात्रों के अभिभावक बच्चों पर नजर रखें, उनके बढ़ते तनाव पर एक्शन लें। उनके साथ बातें करें, उनके मन की बातों को बाहर निकालें और अगर वे प्रॉब्लम में दिखें तो उनकी मदद करें। उनमें आत्मविश्वास भरने की कोशिस करें।

