अमेरिकी एजेंसी हिंडनबर्ग की विस्फोटक रिपोर्ट के बाद विभिन्न नियामकों की कवायद के बाद अब रिजर्व बैंक भी देश की 20 प्रमुख कंपनियां जो भारी कर्ज ले रखा है उनको निगरानी सूची में डाल दिया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक उच्चतम जोखिम वाले शीर्ष 20 व्यापारिक घरानों की बारीकी से निगरानी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी प्रकरण के बाद बैंकों द्वारा इस कारोबारी समूह को दिए गए पैसों के जोखिमों की पहचान करने के लिए आरबीआई हरकत में आ गया है। यह अतिरिक्त निगरानी व्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण वित्तीय मध्यस्थों और बड़े क्रेडिट पर सूचना के केंद्रीय भंडार की नियमित निगरानी से अलग है।
बैंकिंग क्षेत्र के नियामक इन समूहों और उनकी कंपनियों की लाभप्रदता और अन्य वित्तीय प्रदर्शन उपायों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। साथ ही बाहरी वाणिज्यिक ऋण या बांड जैसे अन्य स्रोतों पर भी गौर किया जा रहा है। इससे पहले अडानी का मामला सामने आने के बाद आरबीआई ने कुछ इसी तरीके का निर्देश बैंकों को दिया था।

